A Social Worship Organisation or Trust!



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संस्था के संस्थापक सह संचालक - Ak Pandey ग्रा. व पो. करमावा, थाना - ढाका, जिला- पूर्वी चम्पारण है। इसके प्रारंभिक सदस्यों का नाम पुस्तिका के अग्रसर खंड (ख) में वर्णित है। इस संस्था का मुख्य उदेश्य रोजगार सृजन एवं समाज सेवा है|

प्रश्न (1) रोजगार सृजन कैसे और क्यों? - हमारी संस्था के विचार एवं कार्य को जन-जन तक क्षेत्रवार पहुंचाने या करने कराने वाला कार्यकर्ता के रूप में तथा समर्थ लागों से सहायता लेकर असमर्थ लागों को सहायता करने के उदेश से।

प्रश्न (2) यह संस्था किस प्रकार के समाजिक कार्यों में योगदान दे रही है अथवा देना चाहती है? - वैसे तो यह संस्था कई क्षेत्रों में कार्य करने हेतु अग्रसर है परंतु मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों में कार्यरत है, जो है -
1) प्राकृतिक एवं सौर्य उर्जा का संरक्षण
2) पर्यावरण स्वच्छता जागरुकता अभियान
3) मेधावी गरीब परिवार के छात्र-छात्राओं को प्रत्येक वर्ष उचित शिक्षा प्राप्त करने हेतु छात्रवृति योजना।

प्रश्न (3) इस संस्था के कार्य प्राणाली एवं सामाजिक सुरक्षा का क्या माप दंड है? - संस्था के सहयोगी सदस्यों में से 5 सुयोग्य सदस्यों की कमीटी बनाकर संस्था के प्रोजेक्ट का देख-रेख करते हुए लाभार्थियों को सुरक्षापूर्वक लाभ दिलाने का कार्य करते हुए संस्था और इसके सदस्यों का विस्तार करना तथा सस्था में वित्तीय कमी को पूरा करने कराने हेतु सत्त प्रयास करना एवं रोजगार सृजन हेतु संभावित सरकारी/गैरसरकारी योजनाओं को क्रियान्वयन कराना आदि है। ...

प्रश्न (4) पांच सदसीय कमीटी में सदस्यों के चयन की क्या प्रप्रक्रिया है? - इस संस्था का सहयोगी सदस्य जिसका अंश दान सबसे ज्यादा हो, जो निःस्वार्थ सेवा में रूचि रखता हो, जो बिहार के किसी अन्य जिलो के निवासी हो, जो शिक्षित एवं कर्मठ हो, को इस कमीटी का सदस्य बनाया जाता है। जिसका कार्यअवधी 1 वर्ष (12 माह) का होता है। बिहार राज्य के किन्हीं 5 जिलों में से एक-एक सदस्यों का चयन कर कमीटी गठन की प्रकृया पूर्ण की जाती है।

जो संस्था के संस्थापक सह संचालक के अध्यक्षता में होती है। कोर कमीटी में सदस्य बनने हेतु संभावित अधिक दावेदारी होने पर संस्था के मासिक बैठक में कम से कम कुल सदस्यों का 30 प्रतिशत की उपस्थिति में संस्थापक/संचालक की अथवा इनके द्वारा मनोनित कार्याध्यक्ष के देख-रेख में साभ-सुथरा चुनाव (मतदान के द्वारा) विजयी सदस्यों को हीं पांच सदसीय कमीटी का सदस्य घोषित किया जाता है।

प्रश्न (5) आम जनों तक संस्था के कार्य एवं उसकी नियमावली को पहुंचाने का दायित्व किसका होगा? - हमारी संस्था में विश्वास और सहयोग करने वाले कार्यकर्ता, जैसे - डी.सी, बी.सी, पी.सी के द्वारा लोगों तक संस्था के प्रोजेक्ट गाइड में लिखित नियमावली के द्वारा प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों तक संस्था के किसी योजना को पहुंचाने या जानकारी देने का प्रवधान है।

प्रश्न (6) हम संस्था के कार्यकर्ता के रूप में किस प्रकार कार्य कर सकते हैं तथा हमारी आमदनी व पात्रता क्या होगी? - प्राथमिकता के आधार पर इसमें डी.सी, बी.सी. पी.सी के लिए वैसे व्यक्ति होंगे जो किसी सेवा अथवा व्यापार को करते हुए निःस्वार्थ समाज सेवा करना चाहते हो अथवा जो किसी अल्प सेवा से सेवानिवृत हों, जिनकी अधिक्तम आयु 50 वर्ष या इससे कम हो, या वैसे व्यक्ति जो शिक्षित, बेरोजगार हो, जिनके हृदय में समाज सेवा के भाव तो हैं लेकिन जिवकोत्पार्जन हेतु पर्याप्त धन की कमी के कारण कुछ भी कर सकने में असमर्थ हो, वैसे व्यक्ति से संस्था कुछ चंदा लेकर उन्हें अपना कार्यकर्ता नियुक्त करती है तथा उनको कार्य सौंपते हुए उन्हें उचित व यथा संभव मानदेय देती है।

प्रश्न (7) जब सरकार जनता के लिए हर संभव प्रयास करती ही है तो ऐसी संस्था चलाने का क्या प्रयोजन? - उपर्युक्त प्रश्नों को हम इस प्रकार समझ सकते हैं कि ‘जब भगवान या ईश्वर भी कर्मविहीन भावविहीन और सेवा विहीन व्यक्ति की मदत नहीं कर सकते हैं तो भला एक मंत्री अथवा राजा अपने राजधानी में बैठकर नियम बनाकर भी क्या उचित लाभ दे सकेगा! जबतक की सामान्य नागरिक अपने प्रति का कर्तव्य न समझे! अर्थात सरकार और उनका सोच कार्य और जनता (हम,आप) के बीच की कड़ी (पथ का कार्य करती है) ऐसी संस्थाएं। बस इसके कार्यकर्ताओं/सहयोगियों का सहयोग निःस्वार्थ एवं समाज या देश सेवा होनी चाहिए।

प्रश्न (8) संस्था के संस्थापक का समाज सेवा में क्या अनुभव और उपलब्धि है, बताएं? - इस उल्लेखित संस्था के संस्थापक अभिनय कुमार पाण्डेय हैं। जिनका समाज के प्रति बचपन से रुझान रहा है। काॅलेज की शिक्षा के साथ-साथ इन्होंने भारत स्काउटिंग औन एनसीसी के द्वारा भी समाजसेवा की शिक्षा ग्रहण किया और विभिन्न समाजिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया।

जैसे - 2001, 2004, 2015 में बिहार में आए हुए भयंकर बाढ़ों से पिड़ितों तथा आम जनों को यथा-संभव सारिरिक व आर्थिक सेवा प्रदान किया। अपने और अपने साथियों के सहयोग से 2001-02 में सम्पन्न लोगों से चंदा इकट्ठा कर ग्रमीण इलाकों के प्रभावित व्यक्तियों के बीच तथा प्रधानमंत्री राहत कोश में भी यथा संभव आर्थिक दान दिया। इन्होंने विद्यालयी शिक्षा के द्वारा अपने तथा आस-पास के सैकड़ों कमजार बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान किया। शिक्षा के क्षेत्र में बिहार सरकार द्वारा प्रारंभ समर कैंप के माध्यम से भी करीब परिवार के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा दान दिया है।

अर्थात 2001-07 तक इन्होंने सैकड़ों दलित/महादलित एवं सामान्य निर्धन परिवार के बच्चों को उचित एवं निःशुल्क शिक्षा दिया। स्वयं के जिवकोत्पार्जन के लिए सबल परिवार के बच्चों को होमट्यूशन देकर अपना जीवन-यापन और उचित शिक्षा ग्रहण किया, जरूरतमंदों को आर्थिक एवं सारिरिक सेवा देते हुए इन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के महिलाओं को सबल बनाने और छोटे-मोटे व्यवसाय करने हेतु जगह-जगह 10-10 महिलाओं का ग्रूप बनाकर उन्हें प्रइवेट बैंकों/फाइनेन्स कंपनियों के द्वारा ऋिण दिलाने का कार्य भी किया है। यह सिलसिला 2008 से 2011 तक चलता रहा। इस बीच सैकड़ों परिवारों की महिलाएं स्वावलंबी व रोजगार से जुड़ गयी तत्पश्चात 2012 में इनकी शादी का प्रस्ताव आया।

और आपने बिना दहेज लिए स्वयं के खर्चे पर शादि करते हुए समाज को प्रेरण देने का कार्य किया। आपके साथ सदैव जिवकोत्पार्जन की समस्या बनी रही। इस हेतु इस समस्या को दूर करने के लिए आपने एक कंपनी, जो सामाजिक कार्य में और उसके प्रति सर्वेक्षण तथा विशलेषण का कार्य करती है, जो नई दिल्ली स्थित है, इनके संस्थापक जेवीएल नरसिम्हा राव, जो कि वर्तमान में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं, के लिए कार्य करना प्रारंभ किया। 2012-2015 तक आपने सैकड़ो सामाजिक प्राजेक्टों पर कार्य किया,

जैसे- (एन.जी.पी) निर्मल ग्राम पंचायत, (डब्लू.क्यू.एम) जलिए गुणवत्ता और उसका महत्व, (आर.यू.डी.पी) रुरल/अरबन डेवलप्मेन्ट प्रोजेक्ट, (एच.एच.एस) हाउस होल्ड सर्वे, (एन.जी.ओ) नन गाॅवर्मेन्ट ऑर्गनाइजेशन आदि जैसे महत्वपूण कार्यों को पूर्ण दाइत्व के साथ अनेक राज्यों के ग्रामीण/शहरी कमियों और उपलब्धियों का भली-भांति अनुभव व विशलेषण का कार्य किया है। अतः आपके अनुसार ‘जिज्ञासा किसी साधन का मोहताज नहीं होता। बस उसे पूर्ण करने के लिए बिना हारे, बिना थके हर संभव प्रयास करते रहना चाहिए।।

प्रश्न (9) बर्तमान और भविष्य में कौन-कौनसी योजनाएं हैं, कृपया बताएं? - संस्था शुरुआती वर्ष से मुख्यतः तीन योजनाओं को पूर्ण करने के लिए प्रयासरत्त है। जो निम्न है। जैसे -

1. सेनिटेशन अवेयरनेन्स प्रोग्राम स्वछता जागरुकता अभियान- इसके तहत गली मुहल्ले में नुक्कर सभी तथा लोगों से बात-चित के माध्यम से जागरुक करना और कचड़े आदि का निषपादन सुनिश्च और सुनयोजित करना और कराना।

2. एजुकेशन अवेयरनेन्स प्रोग्राम - शिक्षा जागरुक्ता कार्यक्रम - के तहत गरीब व असक्षम परिवार के मेधावी बच्चों को परीक्षा के माध्यम से चैनित कर पठन-पाठन के लिए निःशुल्क व आवसीय प्रबंध करना और करान जिसके तहत बिहार के सभी जिलों से परीक्षा में चुने गए सौ-सौ बच्चों को उचित शिक्षा देना तथा उनके रहने खाने पुस्तक और पोषाक आदि के साथ एक वर्ष पूर्ण शिक्षा प्रदान कराना। जिसके फल स्वरूप बच्चों का चयन सरकारी आवासीय विद्यालयों, जैसे- नवोदय विद्यालय, सिमुत्ल्ला आवासीय विद्यालय, झुमरी तिल्इया, तथा सैनिक आवासीय विद्यालय में प्रवेश पा सकें। इस योग्य बनाना।

3. नवीकरणीय उर्जा और सौर्य उर्जा जागरुकता अभियान - के माध्यम से वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, के साथ पर्यावरण के दुष्प्रभाव और इससे बचने के कार्यों को जन भागीदारी के साथ वृ़क्षारोपण, जल संरक्षण एवं उसकी सुधीकरण के प्रति कार्य करना/कराना तथा बिजली संकट से निवारण और समाधान हेतु सोलर उर्जा के प्रति लोगों को जागरुक करना तथा जरुरतमंदों को मजबूत, सस्ता और टिकाउ सोलर पैनल लगाना, लगवाना इस हेतु बिहार के वैसे ग्राम जहां बिजली अल्पावधी के लिए आती और चली जाती है अथवा बिजली आती ही नहीं हो वैसे जगहो के लागों के घरों में रूफ टाॅप सोलर पैनल लगाकर बिजली और जनता के धनों को बचाने का कार्य करना संस्था की प्राथमिकता होगी।

निकट भविष्य में हमारी संस्था के माध्यम से बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में निःशुल्क अतिथी गृह की उत्तम व्यवस्था तथा गरीब रिक्शा चालकों के लिए 10रु में भर पेट भोजन एक समय तथा 20रु में भर पेट भोजन 2 समय कराने का उत्तम प्रबंध होगी। इस हेतु योजना विचाराधीन है। उपर्युक्त कार्यों को पूरा करने के लिए आम नागरिकों, जन प्रतिनिधियों, सरकारी सेवकों आदि स्वजनों से नम्र निवेदन है कि समाज कल्याण, राष्ट्रकल्याण, तथा नागरिक कल्याण निमित बनी संस्था के विकास हेतु अपना सहयोग और सुझाव रुपी बल हमें प्रदान करने की कृपा करें।

प्रश्न (10) आम जन संस्था के योजनाओं का लाभ किस माध्यम और आधार पर ले सकते हैं बताएं? - आप जिस क्षेत्र/जिले/ब्लाॅक/पंचायत में हो वहीं पर इस संस्था के कार्यकत्ता आपको मिल जाएंगे। वे खुद आपको संस्था के योजना उनका उद्देश्य, उसमें व्यय तथा आपके उपयोग आदि का जानकारी देंगे और आपसे जानकारी लेकर संबंधित योजना के निबंधन सह फार्म भरेंगे।

जिस हेतु आप तैयार हैं का पूर्ण होने के 15 से 20 दिनों के अंदर उन्हीं कार्यकर्त्ता के द्वारा आपको योजना का लाभ मिल जाएगा। अतः वे आपसे निर्धारित योजना संबंधी सशुल्क/निशुल्क कार्य संपादन करने में सक्षम होंगे।

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